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मानवता की मिशाल के चलते क्षेत्रवासी युवाओं ने मिलकर स्वर्गीय संकीत चंद्रे का करवाया दाह संस्कार।

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मानवता की मिशाल के चलते क्षेत्रवासी युवाओं ने मिलकर स्वर्गीय संकीत चंद्रे का करवाया दाह संस्कार।

निगम द्वारा निर्मित गैस शव दाह गृह मैं दूसरा हुआ अंतिम संस्कार।

खंडवा। दादाजी की नगरी खंडवा को मानवता और सेवा के नाम से भी जाना जाता है। बुधवार को नगर निगम में मोहरिॅर रहे  स्वर्गीय हेमंत चंद्रे के पुत्र लगभग 38 वर्षीय संकीत चंद्रे निवासी जवाहरगंज चिड़िया मैदान का दुखद निधन जिला अस्पताल में हो गया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि बुजुर्ग मां के साथ पुत्र संकीत भी मानसिक रूप से पीड़ित थे। संकीत चंद्रे अच्छे पढ़े लिखे युवा थे लेकिन मानसिक रूप से परेशान होने के कारण आगे पढ़ाई व अन्य कार्य नहीं कर पाए। संकीत चंद्रे के दुखद निधन के बाद मानव सेवा के लिए क्षेत्रवासी आगे आए और संकीत का अंतिम संस्कार जवाहर गंज के बंटी भांवरे, शुभम चावरे, रोहन यादव, शिवम शर्मा, मोनू सोनी, संजय वर्मा व अन्य साथियों ने राजा हरिश्चंद्र मुक्ति धाम पर गैस चलीत शवदाह में अंतिम संस्कार करवा कर मानवता की मिसाल पैदा की। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि राजा हरिश्चंद्र मुक्तिधाम पर नगर निगम प्रशासन द्वारा निर्मित गैस चलित शव दाह गृह मे यह दूसरा अंतिम संस्कार किया गया।

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